Chapter 1.7

बाबा का कठोर श्रम एवं संकल्प
अब बाबा ने संकल्प किया कि सढ़क के सीधे ऊपर मां की गुफा तक जाने के लिए सीढ़ियां बनानी होंगी पर बन बिभाग की तारें लगी हुई थीं तथा इस गहरे नाले की भराई क लिए हजारों टन पत्थर की आवश्यकता थी, बाबा ने इस संकल्प की पूर्ती हेतु गढ़े की भराई के लिए कड़ा परिश्रम किया। अनगिनत पत्थर गुफा के सामने वाले स्थल को समतल बनाने के लिए प्रयुक्त हुए। फिर नाले के दोनों ओर की चट्टानों को तोड़ा ताकि आस-पास का भयानक दृश्य बदल जाए। अब बारी आई बन बिभाग की तारें तोड़ने की।भक्तों की हिम्मत ना बंधी। बाबा सड़क के किनारे बैठ गए और कहा,जब तक मां की गुफा के लिए यहां से सीढ़ियां बननी न शुरू होंगी, तब तक बाबा अन्न-जल,ग्रहण न करेगा। दो चार दिन व्यतीत हो गए अपने प्यारे बाबा को भूखे-प्यासे देखकर भक्त अशान्त हो ऊठे और उन्होंने तारें तोड़ दी और सीढ़ियां बनने लगी। कोई भक्त सीमेंट दे गया, और कोई मजदूरी करेगा और धीर- धीरे सीढ़ियां गुफा तक पहुंच गई। अब भक्त इसी रास्ते से मां के दर्शनों के लिए आने लगे। सीढ़ियों के निर्माण कार्य में बाबा जुटे रहते और इस तन्मयता, इस लगन से कार्यरत रहते,मानो भगवान इसी राह से आयेंगे, उनको कोई कष्ट न होने पाये। बाबा इन सीढ़ियों की सफाई करते दिखाई देते।
"जी मैं रस्ता कर रही साफ,
राम इस रस्ते आवनगें।"
भिलनी की भान्ति बाबा में नवधा भक्ति का समावेश था बाबा कभी सखा भाव में कभी वात्सलय भाव में रहते। परन्तु सेवा भाव उनका प्रधान भाव था।
प्रायः महापुरूषों के जीवन काल में उनका विरोध होता ही है। शायद यह भगवान की ओर से परीक्षा ही होती होगी कि भक्त अपने संकल्प में कहां तक दृड़ रहते हैं। महादेवी गुफा में शोभायमान हैं।बाहर बाबा जनता में जनार्दन का भाव रखकर जनता की सेवा में लगे हुए हैं। भक्तों, श्रद्धालुओं की मण्डलियां गाते बजाते मां का जुकारा बोलते हुए सांचे दरवार में नतमस्तक हो तहे हैं। कोई-कोई अन्नय प्रेम व भक्ति से जयकारा बोलते हैं - कोई अन्नय प्रेम व भक्ति से जयकारा बोलते हैं।-
"बोल सांचे दरबार की जय,
और बोल बाबा वेष्णो देवी की जय।"
दिन भर बाबा के पास सभी वर्गों के भक्त जन आते रहते। उन दिनों बाबा भी अपने भक्तों की श्रद्धा तथा भावना देखकर ही उनसे वर्ताव करते। बाबा किसी भक्त के लिए शिव स्वरूप हैं और किसी के लिए राम। चुरूट पीने वालों के लिए बाबा दोस्त हैं। चुरूट पीते हुए कई प्रकार की बातें हो रही हैं। कुछ भक्त सुना रहे हैं कुछ बाबा। इस रहस्यात्मक बाबा के लिए कुछ भी रहस्यमय नहीं बन पाता। सब रहस्य स्वय मेव खुल जाते। लेकिन बाबा का रहस्य, बनकर ही रह जाता।
"भेद तेरा सो पाये,जो तुझ-सा बन जाये।"
बाबा के रहस्यात्मक जीवन को जानने के लिए हमैं उन जैसी कठिन साधना से गुजरना होगा। अनासक्त बाबा, रूपये-पैसे स्वयं नहीं सम्भालते। मां के श्री चरणों में चढ़े पैसों को भक्त ही सम्भालते। बाबा ने तो कभी ध्यान ही नहीं दिया इस ओर

 Even water, which has a natural tendency to flow downwards, is drawn up to the sky by the sun's rays. In the same way, God's grace lifts up the mind which has got a tendency to run after sense objects. Sharda Maa

Submit articles- articles@mahadevitirth.com | sharadvani@mahadevitirth.com   Questions - admin@mahadevitirth.com

Mahadevi Tirth   Mahadevi Tirth   Mahadevi Tirth   Mahadevi Tirth   Mahadevi Tirth   Mahadevi Tirth   Mahadevi Tirth   Mahadevi Tirth   Mahadevi Tirth   Mahadevi Tirth   Mahadevi Tirth   Mahadevi Tirth   Mahadevi Tirth    

outils espionnage pc mobile surveillance kit press application pour espionner les messages espionner iphone 3gs ios 5 comment dГ©tecter un logiciel espion sur son mobile press here press espionner un espionner un iphone 4 a distance espionner avec mobile surveillance software in india cell phone spy software reviews